बाजार में बहुत से लोग ग्राउंड फाइबरग्लास पाउडर और ग्लास फाइबर चॉप्ड स्ट्रैंड्स के बारे में ज्यादा नहीं जानते और अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। आज हम इन दोनों के बीच का अंतर बताएंगे:
फाइबरग्लास पाउडर को पीसने की प्रक्रिया में फाइबरग्लास फिलामेंट्स (बचे हुए भाग) को अलग-अलग लंबाई (जाली) में बारीक किया जाता है, और फाइबरग्लास के रेशों को काटकर अलग-अलग लंबाई के रेशे तैयार किए जाते हैं। फाइबरग्लास के फायदे: रेशों की लंबाई में उच्च परिशुद्धता, रेशों की अधिक मात्रा, मोनोफिलामेंट का एकसमान व्यास, फैलाव से पहले खंडों में रेशों की अच्छी तरलता, अकार्बनिक होने के कारण स्थिर विद्युत का अभाव, उच्च तापमान प्रतिरोध, उत्पाद में तन्यता बल एकसमान होता है और यह एक त्रि-आयामी नेटवर्क संरचना बना सकता है, जिससे उत्पाद में अच्छी लचीलापन और तन्यता शक्ति, उच्च प्रभाव शक्ति होती है, और रेशे उत्पाद के हर कोने में समान लंबाई में फैले होते हैं, इसलिए उत्पाद की तन्यता शक्ति एकसमान होती है।
फाइबरग्लास पाउडर को पीसना संभव नहीं है, क्योंकि यह एक चूर्णीकरण प्रक्रिया है। इसमें फाइबर की लंबाई की गारंटी नहीं दी जा सकती, इसमें लंबे और छोटे फाइबर होते हैं, और इसमें पाउडर भी होता है, क्योंकि यह ड्राइंग श्रमिकों द्वारा निकाले गए अपशिष्ट स्क्रैप होते हैं, जिनमें कई अशुद्धियाँ होती हैं। मोनोफिलामेंट के व्यास की गारंटी नहीं दी जा सकती, और फाइबर मोटे या पतले हो सकते हैं, इसलिए उत्पाद में मिलाने के बाद इसकी मजबूती की गारंटी नहीं दी जा सकती, प्रत्येक कोने की मजबूती का मान अलग-अलग होता है, और इसमें बिखराव और गुच्छे बनने की संभावना रहती है।
पोस्ट करने का समय: 31 अगस्त 2022


